KK Pathak Latest News:KK Pathak ने शिक्षकों पर गिराया पहाड़ जैसा नया आदेश अब स्कूली बच्चों पर फोकस

KK Pathak ने शिक्षकों पर गिराया पहाड़ जैसा नया आदेश अब स्कूली बच्चों पर फोकस पढ़ाई और परीक्षा का पैटर्न बदल जाएगा

बिहार राज्य में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, केके पाठक, ने हाल ही में एक नया आदेश जारी किया है जिसके अनुसार अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इस नए आदेश के तहत, शिक्षकों को छात्रों के अच्छे प्रदर्शन पर नजर रखने का जिम्मा दिया गया है और उनका मूल्यांकन होगा।

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यह आदेश शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे शिक्षकों पर एक नए भार को बढ़ाने का सिलसिला है। इसके अलावा, बच्चों के प्रदर्शन का डेटा एक संगठित माध्यम के माध्यम से अफसरों के लिए उपलब्ध होगा, जिससे शिक्षा प्रणाली में सुधार होने की संभावना है। यह नया पहलु शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता में सुधार करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन इससे शिक्षकों पर भार बढ़ने का खतरा भी है।

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बिहार सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के अंतर्गत, सरकार सभी स्कूलों के बच्चों के प्रदर्शन पर सीधी नजर रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेशभर में प्रखंड स्तर पर निगरानी सेल की स्थापना की जा रही है, जो स्कूल और छात्रों के प्रदर्शन का रियल टाइम ब्योरा शिक्षा विभाग को प्रदान करेगा।

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इस नए उपाय के तहत, एक एप्लिकेशन विकसित किया जा रहा है जिससे प्रत्येक स्कूल और विद्यार्थी के प्रदर्शन की स्थिति को दर्शाया जा सकेगा। इस एप्लिकेशन के जरिए स्कूल वार कमी को पहचानकर उसमें आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

सरकार ने इस उपाय को सभी 71,863 प्रारंभिक और 9,360 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया है। इससे स्कूली शिक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा गया है और सरकार इसे प्रतिस्थापना करने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है।

नए साल से परीक्षा कैलेंडर होगा लागू

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, केके पाठक, ने नए सत्र से सभी 81,223 विद्यालयों में परीक्षा कैलेंडर को लागू करने का आदेश जारी किया है। इस नए उपाय के तहत, सभी विद्यालयों में पढ़ाई और परीक्षा का स्वरूप में बदलाव होगा।

इसके अनुसार, प्रति सप्ताह सभी विद्यालयों में साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यालय में पढ़ाई में कमजोर बच्चों की पहचान हो सकेगी। इसके बाद, शिक्षा विभाग को विद्यालयों और उनमें पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन का रियल-टाइम डेटा मिलेगा।

इसमें विद्यालयवार एक एप्लिकेशन का विकास किया जा रहा है, जिससे हर विद्यालय और उसके बच्चों के प्रदर्शन की स्थिति का निरीक्षण किया जा सकेगा। इसे लेकर एक नई प्रणाली “विद्या समीक्षा स्कीम” को लागू करने का भी संकेत है।

यह नया पहलु बिहार में स्कूली शिक्षा में सुधार के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हर विद्यालय और उनके शिक्षकों को बच्चों के प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर मिलेगा और उन्हें आवश्यक समर्थन प्रदान करने का संधान होगा।

बच्चों के प्रदर्शन होगी कारगर

  • शनिवार को विद्यालयों में होगा साप्ताहिक टेस्ट, जिसका मुख्य उद्देश्य पिछले सप्ताह में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित होगा।
  • इस साप्ताहिक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में मूल्यांकन के लिए मौका मिलेगा।
  • साप्ताहिक टेस्ट के साथ हर माह के अंत में एक मासिक परीक्षा भी होगी, जिसे सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
  • इसके लिए, कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए प्रश्न पत्र उनके संबंधित विद्यालय द्वारा तैयार किए जाएंगे, और बच्चों को उत्तर पुस्तिकाएं प्रदान की जाएंगी।
  • मासिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तीन दिनों में किया जाएगा, और संबंधित विद्यार्थियों को उनकी मूल्यांकन रिपोर्ट और उत्तर पुस्तिकाओं को देखने का अवसर मिलेगा।
  • इस प्रकार, जांच परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों की प्रगति को मौखिक और लिखित रूप से मूल्यांकन करने का एक सुविधाजनक सिस्टम लागू किया जा रहा है।

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